जी चाहता है

बजाता हूं आहों का मैं साज़ अक्सर तड़प उठती है उस पर जो आवाज़ अक्सर सुनो वो सुनाने की जी … More

Qurbat

सच को मैंने सच कहा कह दिया सो कह दिया ज़माने की नज़र में यह हिमाक़त है तो है। कब … More

Nazraana

तेरा प्यार जो मेरे साथ रहे जन्नत से क्या दोज़ख से क्या, तेरी याद के कांटें संग जो रहें फूलों … More