Magar Milta Nahin

20479438_148362795744362_3628706709780524676_n“We have been taught that we must follow certain formulas and rules if we want to find God. We do not recognize that god is wherever we allow Him/Her to enter.” 

― By the River Piedra I sat down and wept, Paulo Coelho

 

In the words of Sufi-

मेरे दिल में मेरा यार है मगर मिलता नहीं

उसे भी हमसे प्यार है मगर मिलता नहीं।

जाने क्यों ऐसा लगता है वो पास भी है और पास नहीं

मिलना तो है इक रोज़ हमें यह आस भी है और आस नहीं

हर पल इंतज़ार है मगर मिलता नहीं।

ख्यालों में दिन रात है वो, वो याद भी है और याद नहीं

रहते हैं उसकी गलियों में, आबाद भी हैं आबाद नहीं

हर शह में बेशुमार है मगर मिलता नहीं।

दिल उसको दिया और दर्द लिया, बर्बाद भी हैं बर्बाद नहीं

जो ज़ख्म दिए निशानी है उसकी, मन शाद भी है और शाद नहीं

यह तरीका ए इज़हार है मगर मिलता नहीं।

शिकायत क्या करूं उससे मैं उसकी यह भी तो मुझे गंवारा नहीं

जाने क्यों वो समझता नहीं बिन उसके अपना गुज़ारा नहीं

यकीनन वो भी बेकरार है मगर मिलता नहीं।

-Unknown

 

 

23 Comments

  1. These words are so beautiful. So many people say – God is everywhere, you don’t have to find Him, you are a part of Him but ek woh ehsaas honaa chaahiye purna rup se Prabhu kaa – hamesha ke liye – woh milta nahin kisi formula se – woh hain bhi aur nahi bhi. Thank You! 🙂

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