Dard e dil

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It is known only to an anguished heart

How to silently absorb a storm however violent.

The beloved goes away to never return

Yet it expects the time to take a different turn.

Every desire of this world can be constrained

But longing for Him knows no restrain.

Translated from an unknown source-

क्या जाने कोई दर्द ए दिल

हम दुनिया लुटाए बैठे हैं

ख़ामोश हैं लब लेकिन दिल में

तूफान उठाए बैठे  हैं।

उनको क्या हमारी वफ़ा से

वो तो लगते हैं बेगाने

हमसे पूछो खुद दामन में

आग लगाए बैठे हैं।

वो गए भी तो ऐसे कि हमें

पीछे मुड़ कर देखा ही नहीं

और हम हैं अकेले ही

उल्फत की कसमें खाए बैठे हैं।

यह इश्क़ ए वफा नाचीज़ है क्या

जो हुस्न से हारी बैठी है

फिर भी हम उनके सिजदे में

इस सर को झुकाए बैठे हैं।

क्या जाने ज़माने के डर से

वो दिन में मिलने न आए हों

मिलने को इसलिए

रातों की हम नींदें उड़ाए बैठे हैं।

ए जान ए तमन्ना आ भी जाओ

बरदाशत नहीं अब तन्हाई

हमराही बनने को हम तो

बाहें फैलाए बैठे हैं।

Dard e dil- anguished heart

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