Jannat

Jnnat

You are in the sight You are in the mind

What else it is if not the heaven.

I had no worth in the world

You lovingly made me Your own

What else it is if not the grace.

You have blessed me abundantly

Your joy has superseded my gloom

What else it is if not Your radiance.

Translated from an unknown source-

निगाहों में तुम हो, ख्यालों में तुम हो

यह जन्नत नहीं है, तो फिर और क्या है।।

क्या थी ज़माने में औकात मेरी,

पड़ गई मुझपे बस नज़र एक तेरी,

मेरे दिल में तुमने जो कुछ कर दिया है

ज़हर की जगह अमृत भर दिया है,

चित्तवन से यूं अपना बनाना

यह चाहत नहीं है तो फिर और क्या है।।

माना कि मेरी ज़रूरत नहीं

मगर प्यारे तेरी ज़रूरत है मुझको,

मेरी सारी बिगड़ी बनाई है तुमने

मेरी ज़िंदगी संवारी है तुमने,

जहां था अंधेरा वहीं रोशनी है

यह इनायत नहीं है तो फिर और क्या है।।

निगाहों में तुम हो, ख्यालों में तुम हो

यह जन्नत नहीं है, तो फिर और क्या है।।

Jannat- heaven

 

 

 

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